प्रबन्धक जी का संदेश …

 प्रिय प्रवेशार्थियों ,

 सन्त बूला सत्यनाम दास वीरबल पी.जी. कालेज , अमारी , दुल्लहपुर , गाजीपुर वीर वहादुर सिंह पूर्वाञ्चल विश्वविद्यालय , जौनपुर से सम्बद्ध है – महाविद्यालय की स्थापना के कई प्रेरणास्रोत है । पिता जी एवं क्षेत्र के गणमान्य विभूतियों के विशेष सहयोग से 7 फरवरी 1995 को महाविद्यालय की नींव रखी गयी । इस ग्रामीण इलाके में इस महाविद्यालय ने शिक्षा के प्रसार में बड़ी भूमिका निभाई है इण्टर कालेज से उत्तीर्ण होकर बहुत बड़ी संख्या में छात्र – छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो रहे थे । इस महाविद्यालय की स्थापना से इलाके में राहत और आशा का संचार हुआ । ऐसी मान्यता है कि किसी शुभ निर्माण के प्रारम्भ में ही अच्छे लोगों का साथ मिल जाय तो सफलता अवश्य मिलती है । निर्माण से लेकर शिक्षण कार्य एवं महाविद्यालय संचालन में अनेक योग्य , अनुभवी , कर्मठ , ईमानदार और भागीरथ प्रयत्न वाले लोग इस संस्थान से जुड़ते गये । अल्प समय में ही महाविद्यालय ने सफलतापूर्वक उपलब्धियाँ प्राप्त किया है । यथा- भव्य भवन , आवश्यक उपस्कर , सुव्यवस्थित एवं अनुशासित परिसर , काफी संख्या में छात्र – छात्राएं , अनुभवी लगनशील विद्वान एवं समर्पित प्राध्यापक तथा कर्मठ , तत्पर और ऊर्जावान कर्मचारी इस पी.जी. कालेज के उतरोत्तर विकाश में प्रयत्नशील है इसके निर्माण संदर्भ में इलाके के तमाम शिक्षा प्रेमी मित्रों , सहयोगियों , अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ । भविष्य में सुरक्षा और दीप से दीप जलाने की सतत् परम्परा के प्रति मैं आश्वस्त हूँ । मैं उन तमाम विरोधियों के प्रि भी कृतज्ञ हूँ जिनके कारण मुझे हर बाधा से लड़ने का बल सम्बल और संकल्प मिला । अन्त में मैं अपने पूर्वजों के प्रति हृदय की अन्तिम गहराई से आदर अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि सन्त बूला सत्यनाम दास वीरबल पी.जी. कालेज , अमारी , दुल्लहपुर , गाजीपुर को प्रगति पथ पर अग्रसर रखे । हर प्रवेशार्थी छात्र – छात्रा को मेरी शुभकामना और इसी आशा और विश्वास के साथ आशीष

 छोटू यादव

 प्रबन्धक