SRI CHHOTU YADAV

SRI CHHOTU YADAV

MANAGER

DR DURGVIJAY YADAV

DR DURGVIJAY YADAV

PRINCIPAL

DR JAY PRAKASH YADAV

DR JAY PRAKASH YADAV

MANAGING DIRECTOR

महाविद्यालय की स्थिति

पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी मण्डल में औद्योगिक जनपद गाजीपुर जो गंगा नदी के किनारे बसा है जिसकी भौगोलिक रूप से एक विशिष्ट पहचान है । इस पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा की कमी को पूरा करने के लिए एक दृढ़ निश्चयी आदर्श शिक्षक एवं स्पष्टवादी समाजसेवी की पावन स्मृति में इस पी . जी . कालेज की स्थापना बूला संस्था के नाम पर की गई है । इस पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा की कमी को पूरा करने तथा विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता की भावना , की भावना पैदा करना ही इस संस्था का मूल उद्देश्य है । यह महाविद्यालय गाजीपुर जनपद के तहसील जखनियां , वि ० खण्ड जखनियां में गाजीपुर जिला मुख्यालय से 30 किमी . पश्चिम गाजीपुर , आजमगढ़ मुख्य राजमार्ग पर दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन से 100 मी 0 दक्षिण वीर अब्दुल हमीद रोड पर अवस्थित है ।

यह शिक्षण संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में दुल्लहपुर के पुराने गौरव को पुनः स्थापित कर सकेगा । इस पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा की कमी को पूरा करने के लिए तथा विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता की भावना , सामाजिक दायित्वों के प्रति समर्पण की भावना ही मूल उद्देश्या है । अध्यापन व्यवस्था महाविद्यालय के प्रत्येक विभाग में प्रतिभावान एवं अनुभवी प्राध्यापक नियुक्त है । प्रत्येक कक्षा में फर्नीचर , पंखा आदि की उचित व्यवस्था है । विश्वविद्यालय की परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रत्येक विषय में कम से अनिवार्य है विगत वर्षों में यहाँ का परीक्षाफल उत्कृष्ट एवं उत्साहवर्धक रहा है ।

प्राचार्य की कलम से     प्रिय छात्र / छात्राओं

संतबूला सत्यनामदास वीरबल पी . जी कालेज में प्रवेश हेतु आपने आवेदन किया है । मेरी शुभकामना है कि प्रवेश में आपको सफलता प्राप्त हो इस महाविद्यालय का अपना एक गौरवपूर्ण इतिहास रहा है और शिक्षा जगत में इसे सम्मान पूर्वक देखा जाता है इस सम्मान के केन्द्र में आप विद्यमान हैं । कोई भी उच्च शिक्षा का केन्द्र अपने भव्य भवनों से नहीं जाना जाता है । अपितु वहाँ निकलने वाले प्रतिभावान छात्र / छात्राओं की समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान एवं वहाँ के प्राध्यापकों कर्मचारियों की कार्य के प्रति समर्पण भावना एवं योग्यता से निर्मित होती है ।

 यह महाविद्यालय उन्मुक्त वातावरण में आपके सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्प है । महाविद्यालय में कला संकाय , विज्ञान संकाय , शारीरिक शिक्षा , शिक्षा संकाय ( बी.एड. , बी.पी.एड. , बी.टी.सी. ) कक्षायें सुचारू रूप से संचालित होती हैं । यहाँ राष्ट्रीय सेवा योजना ( N.S.S. ) रोवर्स / रेंजर्स , खेल – कूद आदि की उत्कृष्ट व्यवस्था है । महाविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर पर कक्षाएं संचालित होती है । संस्था प्रधान होने के नाते आपको ज्ञानार्जन हेतु मैं अपने महाविद्यालय परिसर में आंमत्रित व आश्वस्त करता हूँ कि आप गर्व के साथ कहेंगे कि मैं संतबूता सत्यनामदास वीरबल पी . जी . कालेज , अमारी दुल्लहपुर गाजीपुर का विद्यार्थी रहा हूँ । आप ऐसा आचरण करें जिससे अपने क्षेत्र विशेष में उपलब्धि प्राप्त कर एवं महाविद्यालय परिवार आप पर गर्व कर सकें ।

शुभ कामनाओं के साथ ,                             डॉ ० दुर्गविजय यादव   प्राचार्य

स्नातक कला संकाय (B.A.)
बी0एड0
स्नातक विज्ञान संकाय (B.Sc.)
बी0पी0एड0
स्नातकोत्तर कला संकाय (M.A.)
डी0एल0एड0 (बी0टी0सी0)
स्नातकोत्तर विज्ञान संकाय (M.Sc.)
स्नातक वाणिज्य संकाय (B.Com)
स्नातकोत्तर वाणिज्य संकाय (M.Com)
Students

Students

Students
6000
No of Students
100%
Results
10000
Number of Books
10
faculty
महाविद्यालय द्वारा प्रदत सुविधाए

महाविद्यालय द्वारा प्रदत सुविधाए

राष्‍ट्रीय सेवा योजना
राष्‍ट्रीय सेवा योजना राष्‍ट्र की युवा शक्ति के व्‍यक्‍तित्‍व विकास हेतु युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित एक सक्रिय कार्यक्रम है।
प्रयोगशाला
महाविद्‍यालय में प्रयोगकग विषय–भूगोल एवं गृहविज्ञान तथा शिक्षा संकाय में आधुनिक उपकरणे से पूर्ण सुसज्‍जित प्रशेगशालाए है।
पर्यटन
वीर बहादु सिंह पूर्वान्‍चल विश्वविद्‍यालय जौनपुर के पाठ्यक्रमनुसार बी0ए0 एवं बी0बीड0 छात्र/छात्राओं केा अनिवार्य रूप से पर्यटन में भाग लेना।
कीडा विभाग
महाविद्‍यालय में फुटवाल‚बालीवाल‚हाकी‚कबड्डी‚खो खो‚क्रिकेट‚ बास्‍केटबाल आदि खेलों की समुचित व्‍यवस्‍था

महाविद्यालय द्वारा प्रदत सुविधाए

1. महाविद्यालय के प्रत्येक विषय में मानक के अनुसार प्राध्यापक |

2. समुन्नत पुस्तकालय एवं वाचनालय की व्यवस्था | |

3. महाविद्यालय में पंखा एवं कम्प्यूटर के लिए जनरेटर की व्यवस्था |

4. सभी प्रयोगात्मक विषयो के लिए सुज्जित, संसाधनयुक्त प्रयोगशाला की उत्तम व्यवस्था |

5. विद्यार्थियों के सर्वागीण विकास के लिए खेलो का मैदान तथा इससे सम्बन्धित क्रीड़ा सामग्री उपलब्ध है |

6. छात्रो को भौतिक युग के अनुकूल सामर्थ्यवान बनाने हेतु महाविद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षण की व्यवस्था की गई है |

7. विश्वविद्यालय मानक के अनुसार महाविद्यालय में प्रत्येक विद्यार्थी की 75% उपस्थिति अनिवार्य है | मानक अनुरूप उपस्थिति नहीं होने पर विद्यार्थी परीक्षा से वंचित किया जा सकता है |

What People Say ?